हर दुर्गा की पूजा

दुर्गा का रूप है वो, शक्ति का स्रोत है गंगा-सी पवित्र है वो, निर्मल निर्दोष है हर पल सवालों से घिरी, संयम की मूर्ति हर दर्द जो हँस कर सह ले, ऐसे प्यार की आकृति। एक औरत का है हर रूप निराला, बेटी से माँ बन कर है जिसने पूरे परिवार को सँभाला। आखिर कबतक उसे नीचा … Continue reading हर दुर्गा की पूजा

आँखों की आँख-मिचौली

ये आँखें, ये नयन और न जाने क्या-क्या, कभी ये इतनी बार झपकती है कि जिसका इंतज़ार रहता है, जिस खुशी का, वह एक ही बार में पा जाते हैं। कभी यह ऐसा खेल खेलती है कि चाहते हुए भी झपकती नहीं। टकटकी लगाए हुए ये निगाहें उस रास्ते की तरफ़ देखते रहती है। कभी … Continue reading आँखों की आँख-मिचौली

Dr. Rajendra Prasad Memorial Metal Quiz-2019

  On September 22, 2019 Department of Metallurgical Engineering, BIT Sindri and IIM Students' Chapter BIT Sindri jointly hosted the Dr Rajendra Prasad Memorial Metal Quiz'19 in the memory of Dr Rajendra Prasad, the first HOD of the Department of Metallurgical Engineering, to commemorate his contributions and seek his eternal blessings. More than 5000 students … Continue reading Dr. Rajendra Prasad Memorial Metal Quiz-2019

हिंदी दिवस – 2019

वर्तमान समय में जहाँ आंग्ल भाषा एक विशाल समुद्र के भाँति फैला हुआ है वहीं हिंदी की सदानीरा को प्रवाहित रखने हेतु हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत सर्जना परिवार द्वारा बी.आई.टी. के प्रांगण में १७ सितंबर २०१९ को हिंदी दिवस का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम आई.टी. बिल्डिंग के F-9 में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ … Continue reading हिंदी दिवस – 2019

न जाने कितनों का हाथ वही

निर्मम सिमट सिकुड़ वह सोया था, अँधेरे चौराहेे की चौखट पर वह खोया था। चादर ओढ़े सिर छिपाए, पाँव फिर भी निकले थे, सनसनाती हवा चली, पैरों को छू, निकली थी। काँप गए बदन मेरे देख वह एहसास, क्या बीती होगी उस पर जब टूटे होंगे जज़्बात? मन न माना, जी मचल उठा पूछने को … Continue reading न जाने कितनों का हाथ वही

माँ का लाल

जंग के मैदान में लाल था, बेचारी माँ का हाल बेहाल था। उसकी एक झलक को तड़पती पर लाल पर देश की रक्षा का भार था। माँ का दर्द हवाओं ने उस तक पहुँचाया, "कैसा निर्मोही है तू!" उन फिज़ाओं ने उसके कानों में बुदबुदाया। नम तो उसकी भी आँखें थी, उसने भी अपना दुखड़ा … Continue reading माँ का लाल