Welcome 2023: Adieu to the old and a warm-hearted welcome to the new!

After the long leap of almost two years, the success of the developed vaccines for Covid-19 ended the mentally draining online era of interaction. Sorry, WFH community, we know it was the saviour from tedious and long office hours, but still exhausting times. As the world was recuperating from the aftereffect of the global pandemic, … Continue reading Welcome 2023: Adieu to the old and a warm-hearted welcome to the new!

रक़ीब

साहिलों से दूर, तूफ़ानों में आ गयामंज़िल का मुसाफ़िर, महफ़िल में आ गया चिलमन हटाने आज वो आए हैंइस प्यासे के पास कैसे कुआँ आ गया शराब तो मुझे चढ़ती ही नहींवो तो तुम सामने थे तो नशा आ गया सितारों के सुकून में ख़लल पड़ गयाचॉंद जो आज मेरे हुजरे में आ गया तासीर … Continue reading रक़ीब

होली

जब पूछा उसने मुझसे-"रंगूँ तुम्हें किन रंगों से?"मैंने कहा-रंगना मुझे तुम उस रंग सेजिसमें मिला हो-शहीदों की शहादत का रंग,बुद्ध के शांति का रंग,राधा-कृष्ण के प्रेम का रंग,श्री राम के मर्यादा का रंग,माता सीता की सहिष्णुता का रंग,उर्मिला के त्याग का रंग,माँ शारदा की वीणा के धुन का रंग,नटराज के नृत्य का रंग,शिवाजी के हुँकार … Continue reading होली