विघ्नहर्ता गणेश

आज भाद्रपद मास के कृष्णपक्ष की चतुर्थी है और साथ ही बप्पा के आगमन का दिन अर्थात गणेश चतुर्थी है। चारों ओर हर्षोल्लास का माहौल है। महाराष्ट्र के एक छोटे-से गाँव में रहने वाले मनु के घर में भी इसी तरह चहल-पहल है क्योंकि इस वर्ष मनु के घर पहली बार गणपति का आगमन होने … Continue reading विघ्नहर्ता गणेश

बाढ़, किसान और कवि

यह एक कहानी है जिसमें एक पत्रकार महोदय जो कि एक कवि भी हैं, बिहार में आई बाढ़ की पत्रकारिता करने वहाँ गए हैं। वहाँ वे एक किसान से मिलते हैं। वह किसान लाचार इधर - उधर पानी में भटक रहा है। कवि व्याकुल हो उससे पूछते हैं- सरिता है उफान परधरती भी जा रही … Continue reading बाढ़, किसान और कवि

कौन हो तुम?

दो माताओं की शान हो तुम,इस मिट्टी की पहचान हो तुम,स्वयं अपनी तक़दीर लिखने वाले,ऐ भाई!हर बहन का अभिमान हो तुम। जन्मभूमि की ख़ातिर खुद मिट जाते हो,जननी का कर्ज़, फर्ज़ से चुकाते हो,समर्पण का प्रतीक कहलाने वाले,ऐ भाई!हर बहन का स्वाभिमान हो तुम। हँसते हुए चुनौतियों को पार कर जाते हो,हर पल सर पर … Continue reading कौन हो तुम?

अलौकिक प्रेम

जब तुम परोक्ष होते हो कौंधे निज हृदय में बातें, चाहूँ पर न करूँ शिकायतें, और जो अब सन्मुख हो मेरे बिसरा गई है सब कुछ, रह गए केवल तुम हो। आसक्ति के समुद्र में ढूँढने चले, प्रेम-मोती वहाँ कैसे मिले? निर्धूम अग्नि में जो न जले, तो आनंद फुहारे कैसे मिले? मन व पवन … Continue reading अलौकिक प्रेम

वो दिन…वो दिन

मेरे जीवन में सबसे नायाब, सबसे बेमिसाल,गुज़रे हैं कॉलेज के ये चार साल।फर्स्ट ईयर में सीनियर्स नाइंटी मरवाते थे,पर कहीं बाहर दिखे तो पेट पूजा भी खूब कराते थे।दूसरों के प्रति मन में सेवा भाव जगाया,और कदम प्रयास इंडिया की तरफ़ बढ़ाया।वहाँ के बच्चों के चेहरे पर शिक्षा की एक मुस्कान खिली,जिसे देख मेरे हृदय … Continue reading वो दिन…वो दिन