“सत्ता और नवचेतना का संघर्ष: प्रेमाश्रम”

कुछ भाव ऐसे होते हैं जिन्हें समय भी बदल नहीं पाता। लालच, काम, क्रोध, ईर्ष्या, प्रेम और करुणा का प्रभाव आज जितना है, उतना ही पहले भी था। यही कारण है कि मुंशी प्रेमचंद की रचनाएँ आज के पाठकों में भी प्रचलित हैं। उनकी ‘गोदान’ और ‘निर्मला’ हर साहित्य-प्रेमी की पाठ्य-श्रृंखला का हिस्सा हैं। उनके … Continue reading “सत्ता और नवचेतना का संघर्ष: प्रेमाश्रम”

गुनाहों का देवता

"प्रेम, त्याग और अंतर्द्वंद्व की अमर कहानी" हमारा जीवन एक कहानी की भांति है जिसकी पटकथा कई प्रकार के घटनाक्रमों से होकर गुजरती है जो हमारे जीवनकाल में घटित होते रहती हैं। इस कहानी में न जाने कितने पात्र आते हैं जिनका कालक्रम सूक्ष्म होता है, और कुछ पात्र ऐसे भी होते हैं जिनका प्रभाव … Continue reading गुनाहों का देवता

शेखर एक जीवनी

'शेखर एक जीवनी' महज एक उपन्यास नहीं है और न ही कथानायक शेखर की जीवनी का लेखा-जोखा, वरन् स्नेह और वेदना का जीवन-दर्शन भी है, जिसे लेखक ने अपने जीवनानुभवों के विस्तृत दायरे के सूत्र में पिरोया है। सच्चिदानन्द हीरानन्द वात्स्यायन 'अज्ञेय' की यह अमर कृति हिन्दी साहित्य में मील का पत्थर है। प्रमुख चरित्र … Continue reading शेखर एक जीवनी

बनारस टॉकीज़

बनारस की तो बात ही निराली है। अपवादों का शहर, घाटों का शहर, ज्ञान और ज्ञानियों का शहर है यह बनारस। इसी बनारस के एक विश्वविद्यालय के ‘भगवान दास’ नामक छात्रावास के छात्रों की कहानी है- “बनारस टॉकीज़”। यहाँ भविष्य के वकील और वर्तमान के छात्र रहते हैं। जब कैम्पस में होते हैं तो एक … Continue reading बनारस टॉकीज़