विश्व पर्यावरण दिवस

नीली फ़ाइल फिर से खिड़की पर आयी वह चिड़िया, देखा उसे मैंने आँखें हटाने के बाद नीली फाइल से। धूप का एक टुकड़ा रोशनदान से छनता ठहर गया अलमारी के उसी कोने में जहाँ मैं नीली फाइल रखता हूँ। बारिश की कुछ छींटें खिड़की से कूदकर, कल दोपहर ही तो मेज़ तक सरक आयीं, पता … Continue reading विश्व पर्यावरण दिवस

माँ, याद तुम्हारी आती है

इस कमरे का एकाकीपन तन्हा है यह मेरा मन इस अंधियारे में तेरी याद यादों के दीप जलाती है, माँ, याद तुम्हारी आती है। पास के छत पर माँ कोई गोद के मुन्ने में खोई, कोमल थपकी दे-देकर जब लोरी कोई सुनाती है, माँ! याद तुम्हारी आती है। जब गर्म तवा छू जाता है हाथ … Continue reading माँ, याद तुम्हारी आती है