कौन हो तुम?

दो माताओं की शान हो तुम,इस मिट्टी की पहचान हो तुम,स्वयं अपनी तक़दीर लिखने वाले,ऐ भाई!हर बहन का अभिमान हो तुम। जन्मभूमि की ख़ातिर खुद मिट जाते हो,जननी का कर्ज़, फर्ज़ से चुकाते हो,समर्पण का प्रतीक कहलाने वाले,ऐ भाई!हर बहन का स्वाभिमान हो तुम। हँसते हुए चुनौतियों को पार कर जाते हो,हर पल सर पर … Continue reading कौन हो तुम?

अलौकिक प्रेम

जब तुम परोक्ष होते हो कौंधे निज हृदय में बातें, चाहूँ पर न करूँ शिकायतें, और जो अब सन्मुख हो मेरे बिसरा गई है सब कुछ, रह गए केवल तुम हो। आसक्ति के समुद्र में ढूँढने चले, प्रेम-मोती वहाँ कैसे मिले? निर्धूम अग्नि में जो न जले, तो आनंद फुहारे कैसे मिले? मन व पवन … Continue reading अलौकिक प्रेम

An insight into the incentivising journey of the CAT Institute Topper: Trishita Dasgupta

Thomas A. Edison had once said that Opportunity is missed by most people because it is dressed in overalls and looks like work. A person to admire in the campus for her stellar academics, dedication, and perseverance in everything she undertakes, Trishita Dasgupta saw right through it. Being an avid reader herself, she made sure … Continue reading An insight into the incentivising journey of the CAT Institute Topper: Trishita Dasgupta

वो दिन…वो दिन

मेरे जीवन में सबसे नायाब, सबसे बेमिसाल,गुज़रे हैं कॉलेज के ये चार साल।फर्स्ट ईयर में सीनियर्स नाइंटी मरवाते थे,पर कहीं बाहर दिखे तो पेट पूजा भी खूब कराते थे।दूसरों के प्रति मन में सेवा भाव जगाया,और कदम प्रयास इंडिया की तरफ़ बढ़ाया।वहाँ के बच्चों के चेहरे पर शिक्षा की एक मुस्कान खिली,जिसे देख मेरे हृदय … Continue reading वो दिन…वो दिन

मुस्कुराएगा इंडिया

हालात हैं मुश्किल,पर हम नहीं हैं बुज़दिल।आज देश पर आयी है मुसीबत भारी,'कोरोना' नाम की महामारी। संकट की यह घड़ी है,बंद पड़ी घर की कड़ी है।डॉक्टर, पुलिस, सफाईकर्मी,तैनात हैं, जैसे बॉर्डर पर हो आर्मी। घर पर रहना हमारा कर्म है,देश की रक्षा ही हमारा धर्म है।पहनो मास्क, बनाओ दूरी,करो नमस्ते, हाथ न मिलाना है ज़रूरी। … Continue reading मुस्कुराएगा इंडिया