वक्त है चुनाव का

वक्त है चुनाव का, गर्म है मिज़ाज सभी का । कोई कहता मोदी जी आएंगे!! तो कोई कहता बीजेपी वाले जाएंगे !!! पर सच तो यही है, इस चुनाव,एक बैच फिर से हमेशा के लिए चला जाएगा, २k१५ बैच, रहेगा याद सभी को। हर वो खूबसूरत लम्हा, चाहे प्यार हो, मोहब्बत हो, या हो दोस्तों … Continue reading वक्त है चुनाव का

अलविदा कहना पड़ रहा

कॉलेज की इन सड़कों को देख, कुछ यादें याद आती है, कही-अनकही हज़ारों बातें याद आती है, नादानी में की गई कुछ गुस्ताखियाँ, ये बचपन से जवानी की ओर बढ़ते कदमों की हर निशानी याद आती है। तो चलो लेतें है हम भी एक प्यारी सी सवारी , जिसमें बसी है मेरे यादों की एक … Continue reading अलविदा कहना पड़ रहा

Inter-Branch Sports Tournament- Improving, Adapting and Outdoing ourselves.

‘The game is out there, but it’s either play or get played.’ It has been truly noted by mankind over the centuries that sports plays an inevitable role in bringing positive energy and a positive outlook to life. As an initiative to bring out the sports fanatics amongst the students at B.I.T Sindri, the SPORTS … Continue reading Inter-Branch Sports Tournament- Improving, Adapting and Outdoing ourselves.

Giving the students, a realm of startup verdicts

The thrill and inspiration of a technical start-up took over the campus of B.I.T Sindri as Startup Cell, B.I.T Sindri organised a technical discussion on the blazing topic of the rampant growth 'Artificial intelligence' as an effective tool in an entrepreneurial environment and the latest cutting edge innovations in the field. It was indeed time … Continue reading Giving the students, a realm of startup verdicts

बदलती होली…

होली आती है, पहले की भाँति तो नहीं लेकिन दिनभर के लिए रह ही जाती है। बाज़ार माह भर पहले से नहीं लेकिन सप्ताह पहले सज ही जाते हैं। और पिताजी दो दिन पूर्व भागदौड़ में सही पकवान की सामग्री ले ही आते हैं। सामग्रियों में अब पिचकारियाँ नहीं रहती। विषाद का विषय है, लेकिन … Continue reading बदलती होली…

होली तुम भी मना लेना।

जब मुठ्ठियों में रंग भरे हुए, लोग सड़कों पर उतरेंगे आज, तुम आँखें न चुरा लेना, होली तुम भी मना लेना। आज धुल जाएंगे गिले सभी, जब प्यार से मिलेंगे गले सभी, इन बहते हुए रंगों के साथ , शिकवे सभी बहा देना, होली तुम भी मना लेना। इन दीवारों के अंदर, रहते हो साल … Continue reading होली तुम भी मना लेना।