शैल पुत्री

माँ शैल पुत्री शैल शिखर से वृषभ यान पर कैसे आ टपकी हो माँ । इन बच्चों के लिए न जाने , कहाँ-कहाँ भटकी हो माँ । जंगल -जंगल ,वन -उपवन में , खोज लिया मुझको निर्जन में, यही सोच कर भूल न जाऊँ , श्वाँस तुम्हारी अटकी माँ ।। इन बच्चों के लिए न … Continue reading शैल पुत्री

तुम भी रह गए बापू,दिल्ली के ही होकर

बापू के जन्म दिवस पर, राजधानी दिल्ली के राजघाट पहुँचने के लिए उद्वेलन भरा किसान आन्दोलन। प्रस्तुत कविता में उन अन्नदाता किसान पुत्रों के मन की पीड़ा को मरहम का उपहार दिलाने के उद्देश्य से ही किसी महात्मा के जन्म दिवस की छायावादी अंदाज में व्याख्या हुई है, जो आज की ताजी खबर होगी । … Continue reading तुम भी रह गए बापू,दिल्ली के ही होकर

Dr. Rajendra Prasad Memorial Metal Quiz’18.

On 30th September 2018, the atmosphere in our own Deshpande Auditorium was highly charged, the reason being Dr Rajendra Prasad Memorial Metal Quiz'18. 115 teams from 18 schools locked horns in a day-long inter-school Quiz on the topic of Metallurgy and Material Science and Engineering under the aegis of Department of Metallurgical Engineering, in association … Continue reading Dr. Rajendra Prasad Memorial Metal Quiz’18.

दार्जिलिंग: पहाड़ और शांति

ऊपर आकाश, नीचे आकाश बीच में थोड़ी जमीं बची थी जहाँ अचंभित खड़ा था प्रखर प्रकाश !!! ऐसा लग रहा था मानो यथार्थ की कड़वाहट, रोज़ के कोलाहल को छोड़ किसी काल्पनिक दुनिया में आ पहुँचा हूँ, हक़ीकत में कहीं ऐसा होता है भला ?, ऐसा लग रहा था मानो सोनपरी ने अपनी अन्य नन्ही … Continue reading दार्जिलिंग: पहाड़ और शांति

तू है नहीं

हाँ,तू है नहीं तो क्या, अगर तू है नहीं। कहने को तो कह दिया, पर बात इतनी भी साधारण नहीं रोने को तो रो लिया, पर आँसुओं की किसी को आदत नहीं। बहुत सोचती थी किसी को अपनी सोच बताती, कि किसी की हमदर्द हमराही बन जाती पर सोच का कोई हमसफ़र नहीं शायद इसलिए … Continue reading तू है नहीं