और फिर सुबह भी हो गई…

अहले सुबह की बात थी, बीती अभी ही रात थी। बह रही चारों तरफ़, आदित्य की प्रकाश थी। सबमें नई ऊर्जा, नई उमंग औ उल्लास थी। हर नजर में सज रही, नूतन सुनहरी ख्वाब थी। ये उस पहर की बात थी, पहली पहर की बात थी। पौ फटने लग गई, चिड़िया चहकने लग गई। नजरें … Continue reading और फिर सुबह भी हो गई…

यादें…गुज़रे लम्हों की !

"कल बिछड़ जाएँ हम...या अलग हो जाएँ ये रास्ते... इनका कभी गम न कीजियेगा , बस इतना सा अरमान है हमारा दोस्तों...आप सब के दिल में जो प्यार है हमारे लिए उनको कभी कम न कीजियेगा।" कल बिछड़ जाएँ हम…या अलग हो जाएँ ये रास्ते… इनका कभी गम न कीजियेगा , बस इतना सा अरमान … Continue reading यादें…गुज़रे लम्हों की !

कि यादें जुड़ गई है तुमसे ….

कि यादें जुड़ गई हैं तुमसे , वैसे तो तुम कुछ ख़ास पसंद नहीं थे मुझे , पर अब जब तुमसे दूर जाने की सोचता हूँ , तो मन बेचैन सा हो उठता है | बेपरवाह होना तुमसे सीखा , और सीखी तुमसे रुहानियत , आँखें झुकाने से सर उठाने का सफर , भी तो … Continue reading कि यादें जुड़ गई है तुमसे ….

वक्त है चुनाव का

वक्त है चुनाव का, गर्म है मिज़ाज सभी का । कोई कहता मोदी जी आएंगे!! तो कोई कहता बीजेपी वाले जाएंगे !!! पर सच तो यही है, इस चुनाव,एक बैच फिर से हमेशा के लिए चला जाएगा, २k१५ बैच, रहेगा याद सभी को। हर वो खूबसूरत लम्हा, चाहे प्यार हो, मोहब्बत हो, या हो दोस्तों … Continue reading वक्त है चुनाव का

अलविदा कहना पड़ रहा

कॉलेज की इन सड़कों को देख, कुछ यादें याद आती है, कही-अनकही हज़ारों बातें याद आती है, नादानी में की गई कुछ गुस्ताखियाँ, ये बचपन से जवानी की ओर बढ़ते कदमों की हर निशानी याद आती है। तो चलो लेतें है हम भी एक प्यारी सी सवारी , जिसमें बसी है मेरे यादों की एक … Continue reading अलविदा कहना पड़ रहा

बदलती होली…

होली आती है, पहले की भाँति तो नहीं लेकिन दिनभर के लिए रह ही जाती है। बाज़ार माह भर पहले से नहीं लेकिन सप्ताह पहले सज ही जाते हैं। और पिताजी दो दिन पूर्व भागदौड़ में सही पकवान की सामग्री ले ही आते हैं। सामग्रियों में अब पिचकारियाँ नहीं रहती। विषाद का विषय है, लेकिन … Continue reading बदलती होली…