उपनिषद गंगा

हमारा देश 'भारत' विश्व गुरु रहा है, भारतीय दर्शन का आज भी विश्व में उच्चतम स्थान है और यदि हमें भारतीय मानस को समझना हो तो हमें सर्वप्रथम अपने वाङ्गमय को जानना होगा जिसमें उपनिषद् अनिवार्य है, क्या है उपनिषद्? उपनिषद् स्वयं को पहचानने की यात्रा है क्योंकि उपनिषद् जो दिखाई देता है उसकी बात … Continue reading उपनिषद गंगा

होली है…

Wikipedia होली को कुछ ऐसे define करती है, "A Hindu spring festival of colors"। आपका पता नहीं लेकिन मुझे इस definition से खासी परेशानी हुई। आखिर बचपन से ही होली खेलता आ रहा हूँ लेकिन कभी रंगों को धर्म पूछते नहीं देखा। ऐसी फितरत नहीं रंगों की। देखा है तो बस गुलाल हवा में उड़ते … Continue reading होली है…

बनारस टॉकीज़

बनारस की तो बात ही निराली है। अपवादों का शहर, घाटों का शहर, ज्ञान और ज्ञानियों का शहर है यह बनारस। इसी बनारस के एक विश्वविद्यालय के ‘भगवान दास’ नामक छात्रावास के छात्रों की कहानी है- “बनारस टॉकीज़”। यहाँ भविष्य के वकील और वर्तमान के छात्र रहते हैं। जब कैम्पस में होते हैं तो एक … Continue reading बनारस टॉकीज़

गज़ल गाँव

श्री सैय्यद मुनव्वर अली राना जी, साहित्य की दुनिया के एक ऐसे चेहरे है जिन्होंने हिन्दी एवं उर्दू साहित्य को एक नयी पहचान दिलाई। उर्दू के जानें-माने साहित्यकार मुनव्वर राना जी का जन्म २६ नवम्बर १६५२ को उत्तर प्रदेश के रायबरेली में हुआ था। भारत विभाजन के दौरान मुनव्वर जी के कुछ रिश्तेदार पाकिस्तान चले … Continue reading गज़ल गाँव