काल के चाक पर वह चल रही है 

और पैरों के तले हर पल रही है

थपकियाँ परिवेश की पाकर भी वो

तम मिटाने बन दिया निकल रही है

 

‘प्रयास’ – एक अत्यंत साधारण-सा शब्द | किन्तु यही जीवन को असाधारण बनाता है | इस साधारण शब्द के आयाम का विस्तार जानना हो तो हमें जरुरत है जानने की ‘प्रयास इंडिया’ को |

‘प्रयास इंडिया’ बी.आई.टी.सिन्दरी के छात्र-छात्राओं द्वारा संचालित शैक्षणिक एवं सामाजिक संस्थान है | इस संस्थान का लक्ष्य समाज के वंचित तबके को समाज की मुख्यधारा के समतुल्य लाना है | इस कार्य के लिए शिक्षा से बेहतर विकल्प और कोई नहीं | अप्रैल 2008 में 10 वालंटियर्स और 25 छात्रों से शुरू हुआ यह संस्थान आज 150 से ज्यादा वालंटियर्स और 700 छात्रों का विशाल परिवार बन गया है | यह जानकर और भी हर्ष होता है की इस विद्यार्थियों में 70% भागीदारी बालिका छात्राओं की है |

मौका था ‘रेनबो’ ’17 का | ‘रेनबो’, ‘प्रयास इंडिया’ का वार्षिकोत्सव है | इस उत्सव का आयोजन देखकर सहज ही जाना जा सकता है की इस आयोजन का नाम ‘रेनबो’ क्यों रखा गया है |

प्रत्येक वर्ष की भाँति ‘रेनबो’ ’17 की शुरुआत क्रीड़ा स्पर्धा ‘खेलो इंडिया खेलो’ के साथ 9 अप्रैल को की गयी | बच्चों के खेल-कूद में भी अलग ही मासूमियत झलकती रही | जहाँ एक ओर बोरा रेस में बच्चे फुदकते हुए रास्ते से भटक जाते थे तो वहीं दूसरी ओर जलेबी रेस में बच्चों का ध्यान रेस पूरा करने से ज्यादा जलेबियों को लपकने में था जो की जाहिर भी था | बच्चों को उछलते-कूदते देख ऐसा लग नहीं रहा था कि धूप का उनपर कुछ असर भी होता है |

‘खेलो इंडिया खेलो’ से शुरू हुई बचपन के अनोखेपन की यह झाँकी पूरे सप्ताह भर चलती रही | 10 अप्रैल से 15 अप्रैल तक विभिन्न प्रतियोगिताएँ जैसे – चित्रकला, निबंध लेखन, भाषण एवं सस्वर काव्य पाठ, मेहन्दी, रंगोली का सफल आयोजन किया गया | इन प्रतियोगिताओं में बच्चों की प्रस्तुति देखकर ऐसा लग रहा था मानो हर रोज नया रंग बनाया जा रहा हो और इन्द्रधनुष को सतरंगी से भी ज्यादा रंगीन बनाया जा रहा हो | कोई बच्चा टेढ़ी-मेढ़ी लकीरों से चित्र खींच कर भारतवर्ष की अखंडता दर्शा रहा था तो कोई स्वच्छता का महत्त्व बता रहा था | कविताएँ तो बच्चों का अस्पष्ट स्वर लेकर और भी ज्यादा स्पष्ट और मुखरित हो उठीं थीं | आश्चर्य तब और हुआ जब 10 वर्ष की बच्ची भाषण के दौरान ‘कौशल भारत, कुशल भारत पर स्पष्ट रूप से अपने विचार प्रकट कर रही थी |

इसी दौरान 14 अप्रैल को ‘प्रयास’ के बच्चों द्वारा ‘डिजिटल इंडिया’ एवं ‘स्किल इंडिया’ विषय पर रैली का आयोजन कर सिन्दरीवासियों को भारत सरकार के इन नवीन योजनाओं के प्रति जागरूक बनाने का प्रयास किया गया | इसी दिन ‘प्रयास’ के डोमगढ़ स्थित ब्लाइंड स्कूल केंद्र में निशुल्क स्वास्थ्य जाँच शिविर भी लगाया गया | इस शिविर के दौरान मुफ़्त नेत्र जाँच भी किया गया | इस शिविर से लगभग 450 से भी ज्यादा लोगों ने लाभ लिया | इसी शाम ‘प्रयास’ द्वारा एक और अनूठी पहल की गयी ‘प्रयास’ के बच्चों ने बी.आई.टी. मुख्य द्वार पर ‘सड़क सुरक्षा’ विषय पर नुक्कड़ की प्रस्तुति की | मनोरंजन के साथ-साथ लोगों को जागरूक बनाने का यह प्रयास सफल रहा |

एक ऑनलाइन फोटोग्राफी प्रतियोगिता – ‘अनुभूति’ का भी आयोजन किया गया था | इस प्रतियोगिता की प्रविष्टियाँ बेहद उम्दा थीं | इस प्रतियोगिता के निर्णायक के रूप में अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित फोटोग्राफर श्री मुकेश श्रीवास्तव उपस्थित थे |

‘रेनबो’ ’17 का मुख्य कार्यक्रम 16 अप्रैल की संध्या को आयोजित किया गया | इस आयोजन की मुख्य अतिथि रहीं बलियापुर की मंडल अधिकारी श्रीमती सागरी वराल |

समस्त आयोजन परिसर बच्चों की कलात्मकता से भरा हुआ था | हर कला में ‘प्रयास’ के वालंटियर्स का अथक प्रयास झलक रहा था जिसे हर बच्चे में उन्होंने कड़ी मेहनत से तराशा था | एक ओर रंग-बिरंगे चित्रों से सजे स्टाल थे तो दूसरी ओर बेकार पड़ी सामग्रियों से बनी सुन्दर कलाकृतियाँ दर्शकों का मन मोह रहीं थीं | इसके अलावे बच्चों द्वारा विभिन्न सामाजिक एवं वैज्ञानिक विषयों पर बनाए गए मॉडल्स भी आकर्षण का केंद्र थे |

मंच पर होने वाली प्रस्तुति तो और भी लुभावनी थी | मंच पर किसी नृत्य के दौरान जब बच्चों के हाथ-पैर थिरकते तो ऐसा प्रतित होता मानो हवा के मंद थपेड़े ने फूल की डाल को छुआ हो | एकदम अद्भुत | मंच पर बच्चों का संकोच भी दर्शकों के दिलों को गुदगुदाने वाला था | मंच पर प्रस्तुत किया गया हर गीत, नृत्य या नाट्य किसी भी तरह अद्भुत से कम नहीं था | आयोजन परिसर में उपस्थित दर्शकों ने शायद ही उस रात आसमान की ओर देखा | चाँद सितारे सभी तो जमीन पर उतर आए थे |

‘रेनबो’ का समापन हो चुका था मगर तब तक सभी ओर बचपन का रंग बिखर चुका था |

रेनबो की कुछ अद्भुत झलकियाँ……

 

 

3 thoughts on “रेनबो ‘ १७

  1. Rainbow is a platform to showcase the talent of the underprivileged children of Dhanbad. Great work done by Prayaas India Volunteers.. And I would, also, like to thank all the supporters of Prayaas India, for helping us in every moment. The combined efforts of everyone makes the #Rainbow17 so Colourful…

    Thank you.

    Liked by 1 person

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