हिंदी का पुनर्जीवन

भाषा महज एक अभिव्यक्ति का माध्यम ही नहीं; हमारी संस्कृति, सभ्यता और आचरण की अभिव्यक्ति का माध्यम भी होती है। वर्तमान में एक बिंदु पर खड़ी भाषा, या फिर चहुँओर फैली भाषा, सफल और परिष्कृत...अपने साथ इतिहास के कई पदचिह्नों और बदलावों को समेटे रहती है। भाषा से प्यार, भाषा से अपनापन, भाषा को अपनाना … Continue reading हिंदी का पुनर्जीवन

हर एक माल सौ रूपए

अगर आपको यह बोल दिया जाए कि आपको किताबें खरीदनी है तो आप पैसे दें। चलिए ठीक है! परंतु जब आपने उस किताब को एक बार अपने पुस्तकालय की अलमारी में रख दिया हो और उसे ही कुछ दिनों बाद पढ़ने की इच्छा से निकालना चाहते हों, तब भी आपको उसके लिए पैसे देने पड़ेंगे; … Continue reading हर एक माल सौ रूपए

‘कितने पाकिस्तान’

'कितने पाकिस्तान' सन् 2000 में लिखी गई कमलेश्वर की पुस्तक है। तथ्य और आलोचना से समृद्ध यह उपन्यास स्वयं में इतिहास के एक खजाने से कम नहीं है। मानव इतिहास के साथ इसमें राष्ट्रवाद, साम्प्रदायिकता और पश्चिमवाद पर खुलकर टिप्पणी की गई है। अनेकानेक उदाहरण देते हुए कमलेश्वर ने यह समझाया है कि समाज के … Continue reading ‘कितने पाकिस्तान’

Entrevista

Padma Vibhushan Prof. Roddam Narasimha, FRS (born July 20,1933) is an eminent aerospace scientist and renowned fluid dynamicist. He currently holds the DST year-of-science professorship at Jawaharlal Nehru Centre for Advanced Scientific Research (JNCASR) and the Pratt and Whitney Chair in Science and Engineering at the University of Hyderabad. He did his Associateship at the … Continue reading Entrevista