अगर हारना भी एक चुनाव होतातो शायद दसों दिशाएँ नहीं देखतापलायन की खोज में,बस रुक जाता,और मूँद के रखता अपनी आँखों कोउस पल तकजो केवल अंधकारमयी है। प्रकाश की किरण जब तक हैहार का संकल्प पूर्ण नहीं हो सकता।पक्की हार भी किसी जीत की तरह हैजिसमें दोनों या तो शून्य हैया फिर दोनों एक। अगर हारने पर भी … Continue reading मेरा चुनाव
Author: Aayush Kumar
"उड़ने दो परिंदों को अभी शोख़ हवा में फिर लौट के बचपन के ज़माने नहीं आते" - बशीर बद्र बी०आई०टी० सिंदरी के विद्यार्थियों द्वारा संचालित शैक्षणिक एवं सामाजिक संस्था, 'प्रयास इंडिया', जो हर घर में शिक्षा की ज्योति जला रही है, ने अपने वार्षिक महोत्सव 'रेनबो २३’ को भव्यता के साथ सफल बनाया। महोत्सव को … Continue reading रेनबो-२३ : भविष्य की नींव
