क्या एक मंच सिर्फ मनोरंजन का माध्यम हो सकता है?

या फिर वही मंच किसी सोच को आवाज़ देने की ताकत भी रखता है?

इन्हीं सवालों के बीच इस वर्ष आयोजित हुआ रेनबो-२६’, जहाँ मंच की रौनक केवल सजावट से नहीं बल्कि लोगों के उत्साह और भावनाओं से बढ़ रही थी। शिक्षा और सामाजिक सरोकारों को साथ लेकर चलने वाली संस्था ‘प्रयास इंडिया’ द्वारा आयोजित इस वार्षिक महोत्सव ने इस बार एक बेहद महत्वपूर्ण विषय ‘नारी सशक्तिकरण’ को केंद्र में रखा।

जहाँ एक ओर महिलाएँ आज हर क्षेत्र में अपनी नई पहचान बना रही हैं, वहीं दूसरी ओर समाज में समान अवसर, शिक्षा एवं सम्मान जैसे मुद्दे अभी भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। इन्हीं विचारों को केंद्र में रखते हुए कार्यक्रम की विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से महिलाओं के संघर्ष,आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता एवं उनकी उपलब्धियों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया। नुक्कड़ नाटक, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं गीत-संगीत ने दर्शकों को केवल मनोरंजन ही नहीं बल्कि एक सकारात्मक संदेश भी दिया। प्रयास इंडिया के सदस्यों और विद्यार्थियों के निरंतर सहयोग एवं समर्पण ने इस कार्यक्रम की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

१९ अप्रैल को रेनबो-२६ की सात दिवसीय श्रृंखला का आरंभ ‘खेलो इंडिया खेलो’ कार्यक्रम के साथ हुआ। प्रयास इंडिया के छात्र-छात्राओं ने पूरे जोश और उमंग के साथ भाग लिया। दौड़ के साथ सपने दौड़ते नज़र आए। कबड्डी और खो-खो के बीच ऊर्जा, टीम भावना और आत्मविश्वास की सुंदर झलक दिखाई दी। खेल का मैदान उस दिन केवल प्रतियोगिताओं का स्थल नहीं बल्कि उत्साह और जीवंतता का एक सुंदर दृश्य बन गया था। इस अवसर पर बी०आई०टी० सिंदरी के प्रोफेसर डॉ० घनश्याम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष ऊष्मा प्रदान की। उन्होंने खेलों के महत्व पर अपने विचार साझा करते हुए बच्चों को निरंतर प्रयास, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उनके प्रेरणादायी शब्दों ने बच्चों के उत्साह में नई ऊर्जा भर दी।

२० अप्रैल को रेनबो-२६ का दूसरा दिन जागरूकता और संवेदनाओं के रंगों से सजा दिखाई दिया। ‘महिला सशक्तिकरण एवं विमेन इक्वलिटी’ विषय पर आयोजित रैली में प्रयास इंडिया के सदस्यों और छात्रों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। हर कदम के साथ जागरूकता की आवाज़ गूंज रही थी।विद्यार्थियों ने विज्ञापनों और प्रस्तुतियों के माध्यम से इस महत्वपूर्ण सामाजिक विषय को साहस और संवेदनशीलता के साथ समाज के सामने रखा। “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ!” जैसे प्रेरणादायक नारों ने वातावरण को ऊर्जा और उम्मीद से भर दिया। यह रैली केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि समानता और सम्मान के संदेश को आगे बढ़ाने का एक सुंदर प्रयास बन गई।

इसके पश्चात मंच पर प्रस्तुत नुक्कड़-नाटक ने वातावरण को गंभीर संवेदनाओं से भर दिया। ‘महिला सुरक्षा’ विषय पर आधारित इस प्रस्तुति ने दर्शकों के मन पर गहरी छाप छोड़ी। बच्चों ने महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को अत्यंत प्रभावशाली और संवेदनशील ढंग से मंच पर जीवंत कर दिया।उनकी प्रस्तुति केवल अभिनय तक सीमित नहीं रही बल्कि समाज को जागरूक करने और सोचने पर मजबूर करने का एक सशक्त माध्यम बन गई। संवादों और भावनाओं के माध्यम से बच्चों ने सकारात्मक परिवर्तन और सम्मानपूर्ण समाज का संदेश देने का सुंदर उदाहरण दिया। 

रेनबो के तीसरे दिन ‘पॉवर ऑफ नॉलेज’ प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम का आयोजन हुआ जहाँ ज्ञान और जिज्ञासा का सुंदर संगम देखने को मिला। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ प्रतियोगिता में भाग लिया। हर प्रश्न के साथ उनकी समझ, सोच और सीखने की उत्सुकता और भी स्पष्ट होकर सामने आई।

कार्यक्रम के चौथे दिन “सुर संग्राम” का आयोजन हुआ, जहाँ सुरों ने पूरे वातावरण को मधुरता से भर दिया। इस प्रतियोगिता ने बच्चों और विद्यार्थियों को अपनी छिपी संगीत प्रतिभा को मंच पर खुलकर अभिव्यक्त करने का अवसर प्रदान किया। गायन केवल कला नहीं, बल्कि भावनाओं को व्यक्त करने और मन को शांति देने का एक सुंदर माध्यम बनकर सामने आया। इस मंच पर प्रतिभागियों ने पूरे आत्मविश्वास और भावनात्मक जुड़ाव के साथ अपनी प्रस्तुतियाँ दीं।

पाँचवें दिन आयोजित “डांसिंग स्टार” प्रतियोगिता ने पूरे मंच को लय, ऊर्जा और आकर्षण से आलोकित कर दिया। इस आयोजन का उद्देश्य बच्चों और विद्यार्थियों की अंतर्निहित नृत्य प्रतिभा को सशक्त मंच प्रदान करना था। विभिन्न विद्यालयों एवं नृत्य संस्थानों से आए प्रतिभागियों ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों से वातावरण को अद्भुत जीवंतता प्रदान की।प्रत्येक प्रस्तुति में समर्पण, सौंदर्य और कलात्मक उत्कृष्टता की स्पष्ट झलक दिखाई दी। अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया, जिससे उनके उत्साह और प्रतिभा को नई प्रेरणा मिली।

रेनबो उत्सव के छठे दिन उसका नाम अपने वास्तविक स्वरूप में जीवंत होता दिखाई दिया। ‘पॉट पेंटिंग’ प्रतियोगिता ने पूरे वातावरण को रंगों, कल्पनाओं और सृजनात्मकता की इंद्रधनुषी आभा से भर दिया। बच्चों ने अपनी कल्पनाशक्ति को रंगों में ढालते हुए साधारण मटकों को अद्भुत और आकर्षक कलाकृतियों में परिवर्तित कर दिया।एक साधारण मटके में इतनी सुंदरता और सृजनात्मकता छिपी हो सकती है, यह दृश्य उस दिन हर किसी को आश्चर्यचकित कर रहा था। नन्हे हाथों ने रंगों और कल्पनाओं के स्पर्श से मिट्टी के उन साधारण पात्रों को जीवंत कलाकृतियों में बदल दिया। 

२६ अप्रैल की संध्या को आर्यसमाज मैदान का दृश्य अत्यंत आकर्षक और उल्लासपूर्ण दिखाई दे रहा था। रंग-बिरंगी सजावट, सुव्यवस्थित आयोजन और दर्शकों की भारी उपस्थिति ने पूरे परिसर को जीवंतता से भर दिया था। हर ओर उत्साह और उमंग का सुंदर वातावरण महसूस किया जा सकता था। इस भव्य आयोजन की प्रत्येक व्यवस्था में प्रयास इंडिया के सदस्यों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण स्पष्ट रूप से झलक रहा था। उनकी लगन और प्रयासों ने कार्यक्रम को ऐसा स्वरूप दिया, जिसने उपस्थित प्रत्येक दर्शक के मन पर गहरी छाप छोड़ दी।

इस गरिमामयी अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में डीन छात्र कल्याण डॉ० आर० के० वर्मा उपस्थित रहे। वहीं, गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में रेनबो २५ के स्पॉन्सर एवं संस्था के पूर्व परासंस्थानीय विद्यार्थियों ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम में नई ऊर्जा का संचार किया। उन्होंने अपने अनुभवों और मार्गदर्शन से वर्तमान प्रयास इंडिया के सदस्यों एवं छात्रों का उत्साहवर्धन किया।

दर्शकों की उपस्थिति से पूरा आर्यसमाज मैदान जीवंत और उत्साहपूर्ण दिखाई दे रहा था। बी०आई०टी० परिवार के सदस्यों से लेकर आस-पास के गाँवों से आए लोगों तक, हर चेहरा इस भव्य आयोजन का साक्षी बनने को उत्सुक था। दीप प्रज्वलन, राष्ट्रगान और गूंजते देशभक्ति नारों के साथ मेगा-फेस्ट का शुभारंभ अत्यंत गरिमामयी वातावरण में हुआ।

कार्यक्रम की अंतिम बेला भावनाओं, सम्मान और उपलब्धियों से भरी हुई थी। पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित किया गया। मंच पर बच्चों के चेहरे पर चमकती मुस्कान और उनकी आँखों में दिखता आत्मविश्वास इस पूरे आयोजन की सबसे बड़ी सफलता बनकर सामने आया। इसके बाद प्रयास इंडिया के पूर्व एवं वर्तमान सदस्यों ने बच्चों को प्रमाणपत्र प्रदान किए और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं। धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन तो हुआ लेकिन वहाँ उपस्थित हर व्यक्ति अपने साथ कई यादें और प्रेरणाएँ लेकर लौटा।

यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं था बल्कि सामूहिक मेहनत, समर्पण और सकारात्मक सोच का सुंदर उदाहरण था। प्रयास इंडिया से जुड़े प्रत्येक सदस्य की लगन और अथक प्रयास ने इस पूरे उत्सव को सफल बनाया। बच्चों के व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास और सामाजिक जागरूकता को बढ़ाने की दिशा में संस्था लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

कहा भी गया है-

“सपनों को सच करने की शुरुआत प्रयास से होती है,

और वही प्रयास जब समाज के लिए हो,

तो बदलाव की नई कहानी लिखी जाती है।”

‘रेनबो कार्यक्रम’ के माध्यम से बच्चों को केवल शिक्षा ही नहीं बल्कि जीवन के महत्वपूर्ण मूल्यों से भी जोड़ने का प्रयास किया गया। खेलकूद, कला, संवाद, नेतृत्व और सामाजिक विषयों के प्रति जागरूकता जैसे पहलुओं को कार्यक्रम में विशेष स्थान दिया गया। बच्चों को शांति, नारी सशक्तिकरण  वैकल्पिक सोच और मतदान जैसे विषयों के प्रति जागरूक करना आज के समय की बड़ी आवश्यकता है और प्रयास इंडिया इस दिशा में एक मजबूत कदम बढ़ा रहा है।

संस्था का मानना है कि शिक्षा तभी सार्थक है जब वह बच्चों के भीतर संवेदनशीलता, आत्मविश्वास और बेहतर समाज निर्माण की सोच पैदा करे। ‘प्रयास इंडिया’ आज उन्हीं छोटे-छोटे सपनों को पंख देने का कार्य कर रही है, जो आगे चलकर देश के भविष्य को नई दिशा देंगे।

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