बाढ़, किसान और कवि

यह एक कहानी है जिसमें एक पत्रकार महोदय जो कि एक कवि भी हैं, बिहार में आई बाढ़ की पत्रकारिता करने वहाँ गए हैं। वहाँ वे एक किसान से मिलते हैं। वह किसान लाचार इधर - उधर पानी में भटक रहा है। कवि व्याकुल हो उससे पूछते हैं- सरिता है उफान परधरती भी जा रही … Continue reading बाढ़, किसान और कवि