राम को शेष अभी वनवास

प्रभु श्री राम क्या सिर्फ एक मनुष्य भर थे? नहीं...! प्रभु श्री राम स्वयं धर्म की परिभाषा भी थे। आज अनेक मानव श्री राम के जिन गुणों का बखान करते हुए दिखते हैं, आज उन गुणों का सर्वत्र लोप दिखाई देता है। ऐसा तो नहीं है कि मनुष्यों ने श्री राम को पूजना बंद कर दिया। … Continue reading राम को शेष अभी वनवास

आग हाथों में

आग वो हाथों में लगा के चलता है छूता है जिसको जला के चलता है   करता ही रहा है सिफारिश झूठ की फिर भी देखो सर उठा के चलता है   हुआ है पैगम्बर तारीकियों का अब चराग वो घरों के बुझा के चलता है   जमीर जिसने बेच दी और क्या करे वो … Continue reading आग हाथों में