एक सहज एवं सशक्त माध्यम, जो एक अभियंता का मार्मिक ह्रदय, एक तकनीकी आचार्य का स्पर्श एवं एक गैर शैक्षणिक कर्मचारी की भावनाएँ के साथ ही पुरातन छात्रों की यादों को भी संजोए हुए है। हिंदुस्तान के पुराने संस्थानों में से एक बी आई टी सिन्दरी की संस्थान पत्रिका से जुड़ना मेरे लिए सौभाग्य की बात है |

― अरविन्द सिंह, सहायक प्रभारी आचार्य, ‘सर्जना’