सोइशिरो होंडा: हौसले और हिम्मत की उड़ान

“अपनी असफलताओं को कभी भी अपने दिल तक जाने न दें, न ही अपनी सफलताओं को अपने मस्तिष्क तक।” जापान के एक स्कूल में परीक्षाफल घोषित हुए, और बच्चों से कहा गया कि अगले दिन अपने रिजल्ट पर सभी को अपने परिवार की मुहर लगा कर लानी है। यह आज के ज़माने में अभिभावकों के … Continue reading सोइशिरो होंडा: हौसले और हिम्मत की उड़ान

सीरिया: मनुष्य और मनुष्यता पर एक नज़र

आपकी भावनाएँ आपके विचारों की दासी हैं, और आप अपनी भावनाओं के दास हैं। ~एलिज़ाबेथ गिल्बर्ट   "मनुष्य सबसे संवेदनशील प्राणी है" ऐसा कहा जाता है। गौर करने की बात है कि यह कहता भी मनुष्य ही है; हम और आप। आज दुनिया में गंभीर हालात हैं। इसका कारण मनुष्य ही है, या यह कह … Continue reading सीरिया: मनुष्य और मनुष्यता पर एक नज़र

गीत मेरे… नज़्म तेरे…

किस ओर चला है तू, पीछे छोड़ सारा जहान कुछ यादें है अनकही, कुछ नग़में हैं अनसुने उन अधूरे किस्सों को तन्हा छोड़, तू क्यों रहे तन्हा । सीने में उलझन किसी टूटे नज़्म-सी है इंतज़ार करे तो किसका...किस तरह... जिसे हो आता इन्हें अंतरतम की ध्वनियों में पिरोना जिसके अंतर से हो निकलते अधूरे … Continue reading गीत मेरे… नज़्म तेरे…