शब्दों को जन्म ही नहीं दिया, जीवन को आशा दी है, 

हिंदी तुमने हर एक भाव को कोई परिभाषा दी है ।

तकनीकी संस्थान बी.आई.टी. सिंदरी में सर्जना परिवार द्वारा छात्रों में हिंदी और साहित्य के प्रति रूचि बढ़ाने हेतु दिनांक ०८-०९-२०१७ से २१-०९-२०१७ तक हिंदी पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत दिनांक ११-०९-२०१७ को ऑनलाइन प्रतियोगिता हिंदी की महत्वता को उजागर करते हुए प्रचार वाक्य लेखन , छाया चित्रण , स्वच्छन्द लेखनी प्रतियोगिता का आरंभ हुआ  ।
 दिनांक १४-०९-२०१७ को हिंदी दिवस के शुभ अवसर पर एल.एच बिल्डिंग में प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए निबन्ध लेखन और कार्टून कोना जैसी रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया । कार्यक्रम का निरीक्षण संस्थान के निदेशक डॉ० डी० के० सिंह और सर्जना के प्रभारी प्राध्यापक श्री रविशंकर प्रसाद द्वारा किया गया। कार्यक्रम में प्रथम वर्ष के सभी छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इसके साथ ही सर्जना प्रतिभा खोज परीक्षा का आयोजन भी संपन्न हुआ। 

प्रथम वर्ष के लिए हिंदी दिवस के दिन आयोजित निबंध प्रतियोगिता

दिनांक १५/०९/२०१७ को सर्जना द्वारा डि नोबिली स्कूल में छात्रों का हिंदी साहित्य से जुड़ाव बनाने  हेतु निबंध व स्वच्छन्द लेखनी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। 
इसी कड़ी  में रविवार, दिनांक १७/०९/२०१७ को द्वितीय वर्ष से अंतिम वर्ष के छात्रों के लिये साहित्यिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। आयोजन के मुख्य अतिथि के रूप में संस्थान के निदेशक डॉ. डी. के. सिंह, वरीय प्राध्यापक श्री जे. पी. सिंह,डि नोबिली के वरीय हिंदी शिक्षक एवं पत्रकार श्री ए.के. सिंह,सर्जना के पूर्ववर्ती मुख्य संपादक तथा वर्तमान प्रभारी प्राध्यापक श्री रविशंकर प्रसाद और सर्जना के पूर्ववर्ती मुख्य संपादक श्री वीरेंद्र शुक्ल उपस्थित थे। 

माननीय अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वल्लन

कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। तत्पश्चात निदेशक महोदय ने अभियंताओं के लिये मातृभाषा की उपयोगिता और सूचना एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हिंदी के जुड़ने से खुलने वाले विभिन्न अवसरों से अवगत कराया।प्राध्यापक श्री जे. पी. सिंह ने हिंदी भाषा के यश और गौरव पर प्रकाश डालते हुए सभी को हिंदी से जुड़ने के लिए प्रोत्साहत किया। तत्पश्चात श्री ए.के.सिंह ने अपने ओजस्वी गीत से सभी उपस्थित लोगों में साहित्य की ज्योत जलाई तथा हिंदी भाषा की अन्य भाषाओं को अपने अंदर समेट लेने की शक्ति से अवगत कराया। 

डि नोबिली के वरीय हिंदी शिक्षक एवं पत्रकार श्री ए.के. सिंह।
इसके साथ ही सर्जना द्वारा प्रयास इंडिया के नन्हे-मुन्ने बच्चों को भी आमंत्रित किया गया था, जिन्होंने अपने सुमधुर काव्य पाठ ,मनोहर चित्रों से सबको विस्मृत कर दिया।इस कार्यक्रम में संस्थान के प्रत्येक शाखा के हर वर्ष के प्रथम स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को सर्जना द्वारा पुरस्कार व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।तत्पश्चात कार्यक्रम के विभिन्न खण्डों के विजेताओं को विशिष्ट अतिथि द्वारा सम्मानित कर उन्हें प्रोत्साहित किया गया, जो निम्न प्रकार है- 

#निबंध_लेखन (प्रथम वर्ष)

प्रथम – तनवीर आनम अंसारी, सूचना एवं तकनीकी अभियंत्रण

द्वितीय- ज्ञान रंजन कुमार सिंह, संगणक  विज्ञान एवं अभियंत्रण

तृतीय – डेज़ी मुर्मू, वैद्युतिकी अभियंत्रण
#छायाचित्रण

शुभ्रा मंडल, सूचना एवं तकनीकी अभियंत्रण, अंतिम वर्ष

#कार्टून_कोना
प्रथम-  मधुकर चौरिया, असैनिक अभियंत्रण, प्रथम वर्ष
द्वितीय- प्रतीक्षा भगत, रासायनिक अभियंत्रण, प्रथम वर्ष 

#स्लोगन_प्रतियोगिता – 

अनिशा भाव्या
, कण वैद्युतिकी एवं दूरसंचार अभियंत्रण, प्रथम वर्ष
#स्वच्छन्द_लेखनी

पल्लवी झा
, वैद्युतिकी अभियंत्रण, प्रथम वर्ष  
#कालयापान
प्रथम – विशाल सिंह, असैनिक अभियंत्रण, तृतीय वर्ष
द्वितीय – आदित्य देवराज, रासायनिक अभियंत्रण, द्वितीय वर्ष
तृतीय – आशुतोष कुमार, रासायनिक अभियंत्रण, द्वितीय वर्ष
#मंथन
प्रथम – सुमन कुमारी, कण वैद्युतिकी एवं दूरसंचार अभियंत्रण, तृतीय वर्ष
द्वितीय – अधिश्री, रासायनिक अभियंत्रण, अंतिम वर्ष
तृतीय- आस्था सुरभि, रासायनिक अभियंत्रण, तृतीय वर्ष 
#काव्य_पाठन
प्रथम- मेघा सिंह, रासायनिक अभियंत्रण, तृतीय वर्ष 
द्वितीय- अंजली, उत्पादन अभियंत्रण, द्वितीय वर्ष
तृतीय- अधिश्री, रासायनिक अभियंत्रण, अंतिम वर्ष
#साहित्यिक_प्रश्नोत्तरी
 राजकिशोर यादव, रासायनिक अभियंत्रण, द्वितीय वर्ष एवं शिवानी गुप्ता, कण वैद्युतिकी एवं दूरसंचार अभियंत्रण, द्वितीय वर्ष

#कार्टून_कोना – 
प्रथम- असिका अग्रवाल, कण वैद्युतिकी एवं दूरसंचार अभियंत्रण, तृतीय वर्ष
द्वितीय- प्रियंका कुमारी, उत्पादन अभियंत्रण, द्वितीय वर्ष 
तृतीय- आदित्य देवराज, रासायनिक अभियंत्रण, द्वितीय वर्ष 
#प्रयास_इंडिया

#काव्य_पाठन 

प्रथम- सुधा डे

द्वितीय- बुसरा फातमा

#कार्टून_कोना– 
प्रथम – सिम्पल कुमारी ,सेंटर-03

द्वितीय – खुशबू कुमारी ,सेंटर -04

हिंदी भाषा के गौरव पर प्रकाश डालते हुए संस्थान के निदेशक डॉ० डी० के० सिंह 

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